शेष राज प्रजापति


हरिवंश रॉय बच्चन के अनंत प्रयाण पर सादर श्रृद्धा सुमन
August 20, 2010, 4:06 pm
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सृष्टि की रचना ने जिसे थका डाला,

अब और नहीं कुछ वह करने वाला ,

सुस्ता कर उसने पञ्च तत्वों का,

अर्क अद्वितीय नशीला बना डाला ,

सारे जल की बना दी हाला ,

और सारी मिटटी का प्याला ,

आहे पवन, अग्नि उर ज्वाला

खुद अनंत में बन बैठा मधु शाला ,